तुम मेरा दर्द क्या समझ पाते …💔
तुम मेरा दर्द क्या समझ पाते … तुमने तो मेरी शायरी तक नहीं समझी !!!💔
तुम मेरा दर्द क्या समझ पाते … तुमने तो मेरी शायरी तक नहीं समझी !!!💔
याद तो तुम्हारी बहुत आती है, खैर छोड़ो ..और बचा ही क्या है मेरे पास तुम्हारे यादों के सिवाय।
मस्त नजरों देख लेना था,गर तमन्ना थी आजमाने की…!! हम तो यूंही बेहोश हो जातें,क्या जरूरत थी शर्मा के…मुस्कुराने की…!!
“तुम गये क्या शहर सूना कर गएदर्द का आकार दूना कर गए…!
“बात करो रूठे यारों से,सन्नाटे से डर जाते हैं !इश्क़ अकेला जी सकता है,दोस्त अकेले मर जाते हैं…!”
अंदर के हादसों पे किसी की नज़र नहीं…हम मर चुके हैं और हमें इस की ख़बर नहीं…
मोहब्बत रंग दे जाती है जब दिल💘दिल से मिलता है, मगर मुश्किल तो ये है दिल💓बड़ी मुश्किल से मिलता है.!
कुछ दाग़ दामन पे लगे हैं तो लगे रहने दो..अगर आप अच्छे हो तो दाग़ अच्छे हैं…
ये इश्क नहीं आसान बस इतना समझ लीजिये, खुद चाहे फटी रूमाल बांधकर घूम रहे हों पर बाबू को डिजाइनर मॉस्क दिलवाना है.! 😝😝😂😂
किसी के रहने पे ही… पूछ लिया करो ख़ैरियत…किसी के जाने के बाद… आवाज़े नही आती…!!