दुनियां का सबसे मुश्किल काम.. करने लगा हूँ मैं…
दुनियां का सबसे मुश्किल काम… करने लगा हूँ मैं…बस अपने काम से काम… रखने लगा हूँ मैं…!!
दुनियां का सबसे मुश्किल काम… करने लगा हूँ मैं…बस अपने काम से काम… रखने लगा हूँ मैं…!!
दुनिया न जीत पाओ… तो हारो न ख़ुद को तुम…थोड़ी बहुत तो ज़ेहन में… नाराज़गी रहे…!!
मेरी एक उम्र की मेहनत से… जो मकान बना…मेरे बच्चों को… वो सस्ता दिखाई देता है…!!
किस कदर… ना-गवार हालातों से गुज़र रही है…ज़िंदगी बेशक… अब तू हमें बुरी लग रही है…!!
चट्टानों सी हिम्मत औरजज्बातों का तुफान लिए चलता है,पूरा करने की जिद से ‘पिता’दिल में बच्चों के अरमान लिए चलता है। बिना उसके न इक पल भी गंवारा है,पिता ही साथी है, पिता ही सहारा है।👳
लिखा है जो तकदीर में वो मिटा देंगे।भाई🧑🤝🧑 का साथ हो तो नयी तकदीर बना देंगे।।
सीढ़ी मिलेगी साहब… “कुछ”सर पर चढ़े लोगों को उतारना है…!!
चुपचाप गुजार देंगे अपनी पूरी जिन्दगी तेरे बिना,लोगो को भी बता देंगे की मोहब्बत ऐसे भी होती है !!
छोड़ दिया हमने उसका दीदार करना हमेशा के लिए,जिसको प्यार 💘की कदर ना हो उसे मुड़ मुड़ के क्या देखना !!
मोहब्बत सच्ची हो और सनम बेवफा ना हो, यारों !कहानी कुछ अधूरी-सी लगती है !!