रुकी हुई ज़िन्दगी का… 🧍
रुकी हुई ज़िन्दगी का…एक और चलता हुआ दिन मुबारक…!!
रुकी हुई ज़िन्दगी का…एक और चलता हुआ दिन मुबारक…!!
खुद ही बनातें है हम… पेचीदा जिंदगी को…वर्ना तो जीने के नुस्खे… आसान बहुत है…!!
बे-बस कर दिया तूने…अपने बस में करके…!!
नसीब भी शायद… कच्ची पेंसिल से लिखा जाता है…जब भी अच्छा होता है….तुरन्त मिटा दिया जाता है…!!
एक दौर जीवन मे ऐसा भी आया…अपने रुला गए… और गैरो ने जीना सीखा दिया…!!
लम्बा सफ़र तय करना है तो…ठोकरों से मुलाकात लाज़मी है…!!
तुम हिंदी का शब्द हो , में हूं गणित का सवाल , मेरा हल तो एक हैं ,तेरे अर्थ हजार ।
दुनिया की नज़रों सेछिपाकर रखा था मैंने जिसे..!!ख़ैर… एक दिन उसेमेरी ही नज़र लग गई..!!!❤️
मुझमे मेरी जगह नही बची , इस कदर समाया है तू मुझमे ….!!!
वक्त के साथ बस आदत बदली है, बुरे कल भी नहीं थे,अच्छे आज भी नहीं हैं.