Category: Struggle Shayari

हटाकर खाक को दाना उठाना सीख लेता है!..

हटाकर खाक को दाना उठाना सीख लेता है!परिंदा चार दिन में फडफडाना सीख लेता है! ग़रीबी ला के देती है बिन मांगे हुनर ऐसा!कि नाज़ुक जिस्म भी बोरे उठाना सीख लेता है!😥