ज़िंदगी भी कहाँ तक सितम ढहाएगी,🧎🚶🏃⛹️🤾

ज़िंदगी भी कहाँ तक सितम ढहाएगी,
गुज़री है, गुज़र रही है, गुज़र जाएगी ।।

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