चिट्ठियों के दौर का आशिक हुँ ऐ दोस्त,

चिट्ठियों के दौर का आशिक हुँ ऐ दोस्त,

जबाब देर से भी आये तो, मै खफा नही होता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *