प्रेम रेखागणित जैसा होता है ….

प्रेम रेखागणित जैसा होता है .

जैसे रेखागणित में प्रतिच्छेदी रेखाओं की तरह, क्षण भर का संयोग और फिर आजीवन वियोग।समानांतर रेखाओं की तरह, हमेशा साथ चलना किंतु कभी नहीं मिलना।

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