अरमान शायरी |Armaan Shayari in Hindi

Armaan Shayari in Hindi

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“””दौर ऐ मोहब्बत में हमने सारे अरमान लुटा दिए.
ऐसे जलाये थे वो अरमान की निशान भी मिटा दिए..
एक आखिरी अरमान हैइसे निभा तुम देना..
जो जल कर मिट गया था………वो निशान बना देना”””
अचानक वह नज़र जो आए तो,पैमाने छलक गए जैसे,
दिल के
अरमान भडक गए ऐसे तीर दिल के आर पार भी हो,
पर निशान नज़र न आए.
ज़िंदगी अभिशाप भी,
वरदान भी ज़िंदगी दुख में पला अरमान भी कर्ज़ साँसों का चुकाती जा रही
ज़िंदगी है मौत पर अहसान भी .
मुझे बेबस दिलों में पल रहे अरमान लिखने हैं ,
ग़रीबों के घरों के दर्द और तूफ़ान लिखने हैं ,
कभी मौक़ा मिलेगा तो चमन की बात कर लूंगा ,
अभी फुटपाथ के गलते हुए इन्सान लिखने हैं
,
मैं उस की खातिर तड़पता रहा शाम ओ सहर,
अरमान न होता गर उसने एक आंसू ही बहाया होता
पंछी थे डाल डाल के, जाने कहाँ गये अरमान आँख ही को पत्थर थमा गये॥
रस्ता रोक रही है, थोड़ी जान है बाकी जाने टूटे दिल में,
क्या अरमान है बाकीजाने भी दे ऐ दिल,
सबको मेरा सलामहो मैं चला, मैं चलामैं शायर बदनाम

हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी की हर ख्वाहिश पे दम निकले,
बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले ।
दिल के अरमान एक एक कर टूटे हैं ,
आखों मे बसें ख्वाब सभी झूठे हैं।
कैसे भुला दूँ मैं उसकी यादों को मुह से लगे जाम भी क्या कभी छूटे है
,
जब किसी क सपने किसी के अरमान बन जाए,
जब किसी की हँसी किसी की मुस्कान बन जाए,
बेपनाह प्यार कहते है उसे जब किसी की सांस किसी की जान बन जाए..
“””हँसते-हँसते हमने अरमान लुटाया था रोते-रोते उसने अपना बनाया था…..
अरमान था तेरे साथ जिंदगी बिताने का,
शिकवा है खुद के खामोश रह जाने का,
दीवानगी इस से बढकर और क्या होगी,
अज भी इंतजार है तेरे आने का.
हमें तो उनसे मोहब्बत है मौत से भी प्यार है,
उनपर पूरा यकीन और मौत पर पूरा ऐतबार है,
देखते हैं पहले कौन आता है, “”””अरमान“””” को दोनों का इंतज़ार है.
मेरे जीने के लिये तेरा अरमान ही काफी है,
दिल के क़लम से लिखी ये दास्तान ही काफी है,
तीर-ए-तलवार की तुझे क्या ज़रूरते ए नज़नीन,
क़त्ल करने के लिय तेरी मुस्कान है काफी है.
खामोशियो में इज़हार ए दिल कीजेए,
तमन्ना हो गर कोई तो बयान कीजेए,
गुपचुप मुस्करा के न तदपइए, इश्क़ के नैनो से वॉर न कीजेए.
लगे ना नज़र इस रिश्ते को ज़माने की,
पड़े ना ज़रूरत कभी एक दूजे को मानने की,
आप ना छोड़ना मेरा साथ वरना तमन्ना ना रहेगी फिर दोस्त बनाने की.
पलकों में कैद रहने दो सपनो को,
उन्हें तो हकीक़त में बदलना है,
इन आँखों की तो एक ही तमन्ना है,
की हर वक़्त आपको मुस्कुराते देखना है

Shayari .

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