Broken Heart Shayari 2 Line

Broken Heart Shayari 2 Line

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Shayari

रोज़ तेरे बग़ैर चलने की कोशिश करता हूँ,
पर जब ठोकर लगती है तो तेरा ही हाथ ढूँढता हूँ ..
वो अल्फ़ाज़ ही क्या,
जो समझानें पडे हमने मुहब्बत की थी,
कोई वकालत नहीं ..
यादें ज़हन में ज़श्न मनाती हैं तब आँखें भीग जाती हैं मगर…
तेरी यादों को इससे क्या लेना देना…!!
सोंचता था.. मैं रह नहीं पाऊंगा तेरे बग़ैर,
देखो.. तुमने ये भी सिखा दिया मुझको।
आखिर किस कदर खत्म कर सकते है..
उनसे रिश्ता, जिनको सिर्फ महसूस करने से.. हम दुनिया भूल जाते है।
आखिर किस कदर खत्म कर सकते है..
उनसे रिश्ता, जिनको सिर्फ महसूस करने से.. हम दुनिया भूल जाते है।
उदास शाम की यादों भरी सुलगती हवा हमें फिर आज पुराने दयार ले आई

How To Find Broken Heart Shayari 2 Line

जब से तूम जूदा हूए हो दर्द मुझ पर फिदा हुआ है
हो गयी थी दिल को, कुछ उम्मीदेँ तुझसे….;;
खैर जो तुमने किया….अच्छा किया…..!!!!!
ज़िंदगी भर साथ देना था जिन्हें दो क़दम हमराह चल कर रह गए
सारी दुनिया के रूठ जाने की परवाह नहीं मुझे,
बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है।
टूटे हुए दिल भी धड़कते है उम्र भर,
चाहे किसी की याद में या फिर किसी फ़रियाद में।
सोचा था खुदा के सिवा मुझे कोई बर्बाद नहीं कर सकता,
फिर उनकी मोहब्बत ने मेरे सारे वहम तोड़ दिए।
करीब आने की ख्वाहिशें तो बहुत थी मगर,
करीब आकर पता चला की मोहब्ब्त फासलों में है।
क्या देखोगे हाल-ए-दिल-बर्बाद के तुम ने,
कर्फ़्यू में मेरे शहर का मंज़र नहीं देखा
प्यार आज भी तुझसे उतना ही हैं,
तुझे अहसास भी नही,
और हमने जताना भी छोड़ दिया​।
उनसे से अब कोसों दूर रखना मुझे ए खुदा,
यूँ बार बार बेवफाओं का सामना मेरे बस की बात नहीं।

Broken Heart Shayari 2 Lines

इतना बेताब न हो मुझसे बिछड़ने के लिये,
तुझे आँखों से नहीं मेरे दिल से जुदा होना है।
बहुत ख़ास थे कभी हम किसी की नज़रों में,
मगर नज़रों के तकाज़े बदलने में देर ही कितनी लगती है।
ऐ दिल तू समझा कर बात को,
जिसे तू खोना नही चाहता वो तेरा होना नही चाहता।
मैंने दो तरह के लोगों से धोखा खाया है,
एक जो मेरे अपने थे और दुसरे वो जो मेरे बहुत अपने थे।
ना जाने कौन सा नमक है इन आँखों के पानी में,
बरसती तो चेहरे से है और जलन दिल में होती है।
मरहम की ज़रूरत नहीं है मुझको,
जख्म देखकर कम से कम हाल तो पूछ लिया करो।
अब ये आलम है कि ग़म की भी ख़बर होती नहीं अश्क बह जाते हैं लेकिन आँख तर होती नहीं
ज़ालिम ने दिल उस वक़्त तोडा,
जब हम उसके गुलाम हो गए।
हम बसा लेंगें एक दुनिया किसी और के साथ,
तेरे आगे रोयें अब इतने भी बेगैरत नहीं हैं हम।
तुम्हें ही सहना पडेगा गम जुदाई का,
मेरा क्या है मैं तो मर जाऊँगा।
वो कतरा-कतरा मुझे तबाह करते गये,
हम रेशा-रेशा उनपे निसार होते गए।
भूली बिसरी सभी यादें जला जाऊंगा,
थोड़ा दर्द थम जाने दो, मैं चला जाऊंगा।
अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है.. काफिला जिंदगी का,
सकून ढूढनें चले थे, नींद ही गवा बैठे।
लगाई तो थी आग उसकी तस्वीर में रात को,
सुबह देखा तो मेरा दिल छालों से भरा पड़ा था।
कोई कितना ही खुश-मिज़ाज क्यों न हो रुला देती है किसी की कमी कभी-कभी।

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